Skip to content

NSE और BSE में क्या अंतर है

  • Oliver 
NSE और BSE में क्या अंतर है

दोस्तों स्वागत है आप सभी का एक और नई पोस्ट में जिसमें हम आज बात करने वाले हैं दो बड़े ऐसे एक्सचेंज जो शेयर मार्केट के सबसे महत्वपूर्ण रोल निभाते हैं आज हम NSE और BSE में क्या अंतर होता है यह जाने वाले हैं

यह भारत के 2 सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज है और एशिया के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज में भी इनका नाम आता है कई बार शेयर मार्केट में नए आए लोग इन के बारे में कंफ्यूज हो जाते हैं क्योंकि लोगों को यह दोनों सेम से ही लगते हैं लेकिन इन दोनों में बहुत ही ज्यादा बड़ा अंतर है और इस ब्लॉग में हम अच्छे से बात करेंगे कि इन दोनों में क्या अंतर है 

Stock Exchnage क्या होते हैं

जहां पर बड़ी-बड़ी कंपनियों के शेयरों का लेनदेन होता है खरीदा या बेचा जाता है उसे स्टॉक एक्सचेंज करते हैं स्टॉक एक्सचेंज का काम या होता है  बेचने वाले से शेयर खरीद के लेने वाले को देना एक्सचेंज खरीदने वाले और बेचने वाले के बीच एक प्लेटफार्म का काम करता है

दोस्तों वैसे तो भारत में कई सारे स्टॉक एक्सचेंज है जैसे कि कोलकाता स्टॉक एक्सचेंज,चेन्नई स्टॉक एक्सचेंज इत्यादि लेकिन दोस्तों नेशनल स्टॉक एक्सचेंज NSE और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज BSE में सबसे ज्यादा ट्रेडिंग होती है मुंबई स्टॉक एक्सचेंज एशिया में सबसे पहला और सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है जिसकी स्थापना 1875 में की गई थी 

पुराने जमाने में होता था एक जगह को निश्चित करते थे जहां पर जितने भी ट्रेडिंग करने वाले लोग हैं वह एक साथ जमा हो जाते थे और वहां सभी मिलकर शेयर को खरीदते और बेचते थे लेकिन 1900 आते-आते जब कंप्यूटर का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ने लगा दो तब एक नए स्टॉक एक्सचेंज की स्थापना हुई जिसका नाम था नेशनल स्टॉक एक्सचेंज NSE जो भारत का पहला इलेक्ट्रॉनिक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज था

NSE और BSE में क्या अंतर है
NSE और BSE में क्या अंतर है

Also Read – Investment Bank क्या होते हैं

Also Read – Index Funds क्या होता है

Also Read – Cashback कंपनी कैसे पैसा कमाती है

पहले शेयर की खरीदी और बेचने में बहुत ज्यादा टाइम चला जाता था महीनों और सालों लग जाते थे शेयर को एक दूसरे से ट्रांसफर करने में लेकिन नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आने के बाद कंप्यूटराइज टेक्नोलॉजी होने के बाद कुछ ही मिनटों में शेयर को खरीदा और बेचा जाने लगा लेकिन ऐसा भी कहा जाता है कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज आने के बाद मुंबई स्टॉक एक्सचेंज ने कंप्यूटराइज्ड होने से मना कर दिया था

लेकिन कंप्यूटर के बढ़ते इस्तेमाल और उसके यूजर्स के साथ-साथ सभी चीजों को देखते हुए 1995 में BSE  भी कंप्यूटराइज हो गई अब आपके दिमाग में एक सवाल आ रहा होगा कि हम सीधी खरीददारी NSE और BSE  से करते हैं तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है 

लेकिन इन सबके बीच में एक और चीज होता है जिसे हम स्टॉकब्रोकर कहते हैं अगर कोई आप शेयर खरीदना चाहते हैं तो उसे आप किसी ब्रोकर के द्वारा ही खरीद सकते हैं जोकि इन एक्सचेंज में रजिस्टर्ड है और आपको इन सब के साथ ट्रेडिंग करने के लिए डिमैट अकाउंट भी ओपन करना होगा अगर आपके पास डिमैट अकाउंट नहीं है तो आप इसे ऑनलाइन भी ओपन करवा सकते हैं

NSE और BSE में अंतर

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में करीब 1800 से ज्यादा कंपनी रजिस्टर्ड है वही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में 5000 से ज्यादा कंपनी लिस्टेड है नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का इंडेक्स निफ्टी फिफ्टी है वही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का इंडेक्स सेंसेक्स जोकि एनएसई और बीएसई की टॉप 50 कंपनीज को मिलाकर बना होता है 

यह इंडेक्स हमें बताते हैं की भारत का शेयर बाजार कैसा परफॉर्म कर रहा है वही शेयरों की खरीद वह बेचा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में सबसे ज्यादा किया जाता है और मुंबई स्टॉक एक्सचेंज में सबसे कम किया जाता है

Leave a Reply

Your email address will not be published.