SEBI क्या है और यह कैसे काम करता है

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आप सभी का एक और नई पोस्ट में जिसमें हम आज बात करने वाले हैं SEBI क्या है और इसका इस्तेमाल कहां पर किया जाता है दोस्तों 1970 के पार भारत में मनी मार्केट बहुत अच्छी तरह से ग्रोथ किया है वही शेयर की लोकप्रियता के साथ-साथ बहुत सारे भ्रष्टाचार भी बढ़ने लगी

SEBI क्या है

जैसे की प्राइस फिक्सिंग, इंसाइडर ट्रेडिंग, स्टोक स्कैम जैसी समस्या सामने आकर उभरने लगी तो इस समय सरकार ने यह सोचा यह चल रही गतिविधियों को कम करने के लिए और भारत के शेयर बाजार को रेगुलेट करने के लिए और ताकि भारत  के लोगों का शेयर मार्केट में भरोसा बना रहे 

1988 में सेबी जिस का फुल फॉर्म है भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड वही इसका इंग्लिश में फुल फॉर्म है ( Securities and exchange Board of India ) का निर्माण कराया गया चलिए सेबी को अच्छे से समझते हैं और जानते हैं कि यह किस तरह भारत के शेयर बाजार को रेगुलेट करता है

वर्तमान में भारत में 17 स्टॉक एक्सचेंज है जो कि भारत में ऑपरेट कर रहे हैं एनएससी और बीएससी को लेकर इन सभी स्टॉक एक्सचेंज के ऑपरेशन को सेबी की गाइडलाइंस के द्वारा रेगुलेट किया जाता है क्योंकि सेबी के पास बहुत तरह की शक्तियां मौजूद होती हैं 

SEBI क्या है
SEBI क्या है

सेबी की शक्तियां 

  1. सेबी के पास शक्ति होती है शेयर मार्केट के कानून को बनाने की और उन्हें लागू करने की वही सेबी के अंदर ही सभी एक्सचेंज आते हैं
  2. सेबी के पास पावर होती है कि वह भारत में स्टॉक एक्सचेंज, कमर्शियल बैंक, स्टॉक ब्रोकर, इन्वेस्टमेंट बैंक इत्यादि एकाउंटिंग बैंक या बुक्स की जांच कर सकता है
  3. सेबी कंपनियों को किसी भी स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होने से रोक सकता है क्योंकि सेबी के बिना कोई भी कंपनी स्टॉक एक्सचेंज में रजिस्टर्ड नहीं हो सकती
  4. सेबी स्टॉक ब्रोकर के रजिस्ट्रेशन को भी नियंत्रण कर सकता है जिससे कि वह कोई गलत कदम ना उठा सके

सेबी का हैडक्वाटर मुंबई में स्थित है और उसके अन्य ऑफिस नई दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता और अहमदाबाद में स्थित है और उसके अन्य लोकल ऑफिस भी भारत के अन्य स्थानों पर स्थित है सेबी के वर्तमान अध्यक्ष अजय त्यागी हैं जो कि 1 मार्च 2017 से इस पद को संभाल रहे हैं

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सेबी में एक चेयरमैन होता है और बाकी सब बोर्ड मेंबर होते हैं सेबी के अध्यक्ष को सेंट्रल गवर्नमेंट द्वारा अपॉइंटमेंट किया जाता है और 8 बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में से 2 को यूनियन फाइनेंस मिनिस्ट्री नियुक्त करती है और एक मेंबर को आरबीआई ( भारतीय रिजर्व बैंक ) द्वारा नियुक्त किया जाता है

बाकी बचे 5 सदस्यों को यूनियन गवर्नमेंट द्वारा नियुक्त किया जाता है सेबी को पूरी तरह केंद्र सरकार नियंत्रित करती है और इन सभी सदस्यों की नियुक्ति भी केंद्र सरकार द्वारा ही की जाती है जिससे कि शेयर मार्केट में किसी भी तरह का भ्रष्टाचार ना हो सके और किसी भी तरह का कोई घोटाला ना हो सके

सेबी की यह जिम्मेदारी है कि भारत में सिक्योरिटी मार्केट एक ऑब्जेक्टिव मार्केट में चलते रहे एक ऐसा स्वस्थ उपस्थिति करें जिससे निवेश करने वालों और ट्रेडिंग करने वालों के बीच उनकी सुरक्षा कर सके और  मनी मार्केट को और आगे बढ़ाया जा सके

सेबी का भारत शेयर बाजार में महत्व

अपने उद्देश्य को हासिल करने के लिए सेबी तीन महत्वपूर्ण प्रतिभागियों का ध्यान रखती है इन तीनों को हम अच्छी तरह से समझते हैं

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  1. Issuer of Securities – मतलब कि वह कंपनी जो स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड होती है सेबी यह निश्चित करता है आईपीओ और एफपीओ एक अच्छे से और ट्रांसपेरेंट तरीके से हो
  2. Players in the capital market – जैसे कि निवेश करने वाले और ट्रेडिंग करने वाले कैपिटल मार्केट आज इसलिए बढ़ पा रहा है क्योंकि ट्रेडर मौजूद है इसलिए सेबी की जवाबदेही होती है कि वह निश्चित करें कि निवेश करने वाले इन्वेस्टर या निश्चित करें कि वह किसी भी तरह के भ्रष्टाचार या उसके शिकार ना बने
  3. Financial Intermediaries – यह सिक्योरिटी मार्केट में बहुत ही जरूरी है यह निश्चित करते हैं कि स्टॉक मार्केट की ट्रांजैक्शन अच्छी और सुरक्षित हो सेबी इन सभी चीजों की एक्टिविटी पर नजर रखता है

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